काठमाण्डू, २२ आसिनः त्रिभुवन विश्वविद्यालय (त्रिवि)क वार्षिक बजेटमे वृद्धि भेल अइछ । बितल सालके तुलनामे ९.७७ प्रतिशत वृद्धि भेल अइछ । आइ बैसल त्रिविसभामे अगिला आर्थिक वर्ष २०८३/०८४ लेल ३० अरब ८७ करोड़ ११ लाख ८ हजार रुपैयाक बजेट विनियोजन कएने अइछ । विश्वविद्यालयक ६७म सभामे रजिष्ट्रार डा. रवीन्द्र सिवाकोटीद्वारा पेश कएल गेल उक्त बजेट बितल आर्थिक वर्षक तुलनामे ९ दशमलव ७७ प्रतिशत बेसी अइछ ।
विश्वविद्यालयद्वारा प्रस्तावित कुल बजेटमे ४९ दशमलव ३८ प्रतिशत अर्थात् १५ अरब २४ करोड़ २७ लाख ५ हजार टका आन्तरिक स्रोतसँ तथा ५० दशमलव ६२ प्रतिशत अर्थात् १५ अरब ६२ करोड़ ८४ लाख ३ हजार टका नेपाल सरकारसँ लेबाक अनुमान कएल गेल अइछ । चालू आर्थिक वर्षक लेल नेपाल सरकार त्रिविकेँ ७ अरब ३१ करोड़ ६ लाख ५६ हजार टका अनुदान देने अइछ । ई बितल सालके तुलनामे ४ अरब ८० करोड़ टका कम अइछ ।
शिक्षक तथा कर्मचारीक तलब वृद्धि एवम् प्रोत्साहन भत्तासँ अतिरिक्त दायित्व सृजना भेलाक कारण विश्वविद्यालयकेँ कुल ८ अरब ३१ करोड़ ७७ लाख ४७ हजार टका अपुग होबाक त्रिवि जनौलक अइछ । विश्वविद्यालय अपुग नगदके व्यवस्था करबाक लेल प्रधानमन्त्री तथा त्रिविक कुलपतिसँ आग्रह सेहो कएने अइछ ।
प्रस्तावित बजेटमे सञ्चालन खर्चमे ८६ दशमलव १४ प्रतिशत तथा पूँजीगत खर्चमे १३ दशमलव ८६ प्रतिशत विनियोजन करबाक प्रक्षेपण अइछ । त्रिवि प्राध्यापक तथा कर्मचारीक क्षमता वृद्धि लेल तालिम, सेमिनार तथा गोष्ठी सञ्चालन करबाक लेल २१ करोड़ ७७ लाख ८९ हजार टका विनियोजन कएने अइछ । अनुसन्धान तथा विकासक लेल ४३ करोड़ ७५ लाख ५२ हजार टका छुट्टाएल गेल अइछ । ई कुल बजेटक १ दशमलव ४१ प्रतिशत अइछ ।
तहिना सूचना प्रविधि तथा प्रशासनिक संयन्त्र व्यवस्थापनक लेल ८ करोड़ टका विनियोजन कएल गेल अइछ । करार सेवामे कार्यरत शिक्षक तथा कर्मचारीकेँ आन्तरिक स्रोतसँ देल जा रहल महँगी भत्ता तथा पावैन खर्चकेँ सेहो निरन्तरता देबाक व्यवस्था कएल गेल त्रिवि जनौलक अइछ ।
नेपाल सरकारक निर्णयअनुसार २०८३ साओन १ गतेसँ लागू होएबला नवका तलबमान तथा एक दिनक तलब बराबरक ग्रेड नगद उपलब्ध करेबाक व्यवस्था कएल गेल अइछ । तलब वृद्धि भेलाक बाद कायम होएबला तलबमानके १० प्रतिशत मासिक प्रोत्साहन भत्तो ओइ मितिसँ लागू करबाक प्रस्ताव अइछ ।
तहिना बजेट सीमासँ बेसी खर्च करबाक प्रवृत्तिकेँ नियन्त्रण करबाक लेल आन्तरिक स्रोतसँ अत्यावश्यक खर्च करबाक पड़लापर सम्बन्धित निकायकेँ केन्द्रीय कार्यालयसँ अनिवार्य पूर्वस्वीकृति लेबाक व्यवस्था कएल गेल अइछ ।
त्रिवि विश्वविद्यालय अनुदान आयोगसँ आर्थिक वर्ष २०८२ तथा ०८३मे १६टा कार्यक्रमअन्तर्गत प्राप्त अनुदानसँ भेल खर्चकेँ सेहो अनुमोदन करबाक लेल सभासमक्ष प्रस्ताव रखने अइछ । विश्वविद्यालय नियमित, आन्तरिक तथा विकास कार्यक्रमक रूपमे बजेट विनियोजन करैत शैक्षिक गुणस्तर, अनुसन्धान, प्रविधिक प्रयोग तथा शिक्षक-कर्मचारीक क्षमता विकासकेँ प्राथमिकता देने अइछ । (रासस)
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