काठमाण्डू, २० आसिन : सभामुख डोल प्रसाद अर्यालके नेतृत्वमे अन्तरव्यवस्थापिका संघ (आईपीयू) के एक सओ ५३म महासभामे भाग ल रहल नेपाली प्रतिनिधिमण्डल आ ओइ ठाम रहल चिनियाँ प्रतिनिधिमण्डल बीच आइ भेटवार्ता भेल अइछ ।


ओइ अवसरमे हुनकासभ बीच नेपाल–चीन बीच जनस्तरमे कायम रहल मित्रवत सम्बन्ध तथा संसदीय सम्बन्धकेँ आबैबला समयमे थप सुदृढ़ बनेबाक विषयमे केन्द्रित रहि विचारविमर्श भेल छल ।


भेटक अवसरमे सभामुख अर्याल नेपाल आ चीन बीच निकट मित्रता, नीक पड़ोसी, पारस्परिक सम्मान तथा पञ्चशीलके सिद्धान्तपर आधारित सम्बन्ध रहल उल्लेख कएने हुनक सचिवालय जनौलक अइछ ।


नेपाल ‘एक चीन नीति’प्रति दृढ़ प्रतिबद्ध रहल तथा नेपाली भूमि चीन विरुद्ध कोनो गतिविधिके लेल प्रयोग नै होबए देबाक सभामुख अर्याल स्पष्ट केलैन ।


नेपालकेँ भूपरिवेष्ठित देशसँ भूजड़ित देशमे रूपान्तरण करबाक लेल चीन करैत आएल सहयोगप्रति धन्यवाद ज्ञापन करैत सभामुख अर्याल दू देश बीचक विकास सहकार्यकेँ थप प्रभावकारी बनेबाक लेल जोड़ देने सचिवालय जनौलक अइछ ।


बितल भादबमे रसुवामे आएल बाइढ़ तथा भूस्खलनसँ भेल जनधनके क्षतिप्रति दुःख व्यक्त करैत सभामुख अर्याल बेपत्ता चिनियाँ नागरिकके परिवारजनप्रति समवेदना प्रकट केलैन ।


विपदके समयमे चीन सरकारसँ प्राप्त आपत्कालीन आर्थिक सहयोग, मानवीय सहायता तथा खोज तथा उद्धारक लेल कएल गेल सहयोगक लेल सभामुख अर्याल धन्यवाद ज्ञापन केलैन । चीन सरकार सुरुङ उद्धार तथा फरेन्सिक आ डिएनए विशेषज्ञ टोली तथा ड्रोनलगायतक उपकरण उपलब्ध करौने छलैन ।


दू देश बीच स्थापित संसदीय मैत्री समूह तथा प्रतिनिधि सभा आ चीनके राष्ट्रिय जनकांग्रेस बीच भेल अन्तरसंसदीय सहकार्यसम्बन्धी समझदारीसँ संसदीय आदानप्रदान आ आपसी समझदारीकेँ थप मजबुत बनेबाक सभामुख अर्याल विश्वास व्यक्त कएने सचिवालय जनौलक अइछ ।रासस

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